113. जीवन एक खेल है

श्री गणेशाय नमः

श्री श्याम देवाय नमः

जीवन एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां प्रत्येक जीव, प्रत्येक क्षण जीवन रूपी खेल खेलता रहता है। किसी के लिए यह एक संघर्ष है तो किसी के लिए एक यात्रा, कोई इसे सुखद यात्रा मानता है तो कोई दुखद और किसी के लिए ईश्वर के द्वारा दिया गया एक उपहार है। अगर हम खिलाड़ी की बात करें तो उसके लिए यह एक खेल है। देखा जाए तो खेल व जीवन अलग- अलग नहीं है। खेलने का जज्बा ही हमेशा खिलाड़ी को कठिन परिस्थितियों में पलटवार के लिए तैयार रखता है। हम अक्सर देखते हैं कि एक अच्छा खिलाड़ी मुश्किल स्थितियों को सदैव स्वीकार करता है। उसको पता है कि चुनौती स्वीकार करना ही आगे बढ़ने की पहली शर्त है। जीत को विनम्रता से स्वीकार करता है तो हार को भी गरिमा पूर्ण बना देता है। एक बेहतरीन खिलाड़ी निरंतर सीखता रहता है। वह कभी नहीं कहता कि मैं सब जानता हूं, हो सकता है कि जो खेल से जुड़ा हुआ नहीं है, उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो।

जीवन एक खेल ही तो है, इसमें वे खिलाड़ी महानता की श्रेणी मे शुमार हो जाते हैं, जिन्होंने समय के साथ- साथ भावनात्मक मजबूती का परिचय दिया। जिस प्रकार की स्थिति उनके सामने आई, उसी रूप में उन्होंने उसे स्वीकार किया और सहजता से आगे बढ़े। इसके पश्चात एक निश्चित रणनीति के तहत धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए और उस परेशानी में अपने आप को मजबूत किया। यह मजबूती जीवन में संघर्ष के दौरान ही उत्पन्न हुई। अच्छे खिलाड़ी अपनी सोच सकारात्मक रखते हैं, उनके लिए परेशानियां आगे बढ़ने की राह में रोड़ा नहीं बनती। यह सच है कि खिलाड़ियों को इस दिशा में प्रशिक्षित होना पड़ता है।

आपने अक्सर देखा होगा मनुष्य थक जाते हैं। वे हमेशा कहते रहते हैं, मैं अपना काम से बोर हो गया हूं, थक गया हूं, पर खिलाड़ी का मन कभी भी नहीं थकता। वह अपने मन को अपनी मर्जी से चलाता है। कभी हार नहीं मानता। स्वयं पर भरोसा और सकारात्मकता धीरे-धीरे सीखते हैं। बाधाओं से पार पाना है तो भय को जितना होगा। कैसे हार के क्रूर जबड़े से छीन कर जीत का ताज पहना जाता है, यह हुनर सब में नहीं होता। लेकिन मंजे हुए खिलाड़ी में ये गुण होते हैं। केवल खेल का क्षेत्र ही नहीं बल्कि जीवन की पिच पर भी ऐसे खिलाड़ी मिलते हैं। किसी खिलाड़ी के लिए जिंदगी एक निरंतर चलने वाली खेल प्रतियोगिता की तरह है। ऐसे खिलाड़ी हारने के बावजूद भी हार नहीं मानते। उनके हौसले बुलंद होते हैैं। उनको पता होता है कि हार के बाद ही जीत है।

जीवन को अगर हम एक खेल की तरह लेंगे तो जीवन आसान हो जाएगा। हमें जीत हार से परे होकर निरंतर आगे बढ़ते रहना होगा। जीत से अधिक जीतने की कोशिश महत्वपूर्ण होती है। हमें जीवन में हार मानकर नहीं बैठना चाहिए। हमेशा यह याद रखना चाहिए कि मैं यह कर सकता हूं क्योंकि ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जो हम नहीं कर सकते। जब एक बार हम संकल्प कर लेते हैं तो वह कार्य है आसान हो जाता है।
अमेरिकी अभिनेता मार्गेन फ्रीमैन कहते हैं— पलायन करना हारने की गारंटी है यानी बड़ी से बड़ी मुसीबत में भी आशा और आत्मविश्वास बनाए रखें। हमें अपने अतीत को बुलाकर अनुभवों से सीखना चाहिए और वर्तमान में रहते हुए जीवन की पिच पर खेलते रहना चाहिए।

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