82. फूलों-सा महकता जीवन

श्री गणेशाय नमः

श्री श्याम देवाय नमः

जब हम फूलों का नाम सुनते हैं, तो हमारे चेहरे पर एक हल्की-सी मुस्कान आ जाती है और जब हम उन्हें देखते हैं, स्पर्श करते हैं, तो हमारा रोम-रोम फूलों की तरह खिल उठता है। आखिर फूलों में कुछ तो खूबियां होंगी ही, तभी तो इन्हें देखकर हमारा मन प्रसन्न हो जाता है, तो क्यों ना हम अपने जीवन में ऐसे कार्य करें, जिससे हमारा यश, कीर्ति फूलों की महक की तरह दूर-दूर तक फैले। जीवन के उतार-चढ़ाव से न घबराते हुए, हर पल आनंद का अनुभव करते हुए, आगे बढ़ते जाएंगे, तभी हमारा जीवन फूलों की तरह महकेगा।

जिस प्रकार प्रकृति में हर पल उत्सव चल रहा होता है, हर रोज पेड़-पौधों पर विभिन्न रंग के फूल खिल रहे हैं, पुराने पत्तों की जगह नई कोंपले आकार ले रही हैं, पक्षी गा रहे हैं, आकाश में चांद-तारे चमक रहे हैं, हवा मंद- मंद बह रही है। लहरों के संग पूर्णिमा की चंद्रिका हमारे मन को उद्वेलित कर रही है। हम सांस ले रहे हैं। हवा में फूलों की महक से सारा वातावरण सुगंधित है। प्रकृति में रोजाना नया साल, दिवाली, होली और नूतनता की प्रक्रिया जारी है। केवल यही सत्य है, यही बात हमें समझनी होगी। हमें समझना होगा कि जिस प्रकार प्रकृति में सब कुछ हर पल बदलता रहता है, नवीनता का संचार होता है, उसी प्रकार हमारे जीवन में भी हर पल बदलाव होता रहता है। जब हम इस बदलाव को स्वीकार करके खुशियां मनाना सीख लेंगे, तभी हमारे जीवन में फूलों की सुगंध बिखर जाएगी।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जब भी आप अपने को उदास महसूस करें तो फूलों के करीब जाकर थोड़ा सा वक्त बिताएं। आप चाहे तो अपने पास ताजे फूलों का एक बुका रखें और इसकी खुशबू व सौंदर्य का आनंद लें। इससे न केवल आपका मन प्रसन्न रहेगा, बल्कि उदासी भी दूर होगी। मनोवैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि घर में विभिन्न रंगों के फूल वाले पौधे लगाने से दिमाग में हमें प्रसन्न रखने वाले हार्मोन का स्राव तेजी से होता है और हमारा मन अधिक प्रसन्न होता है। आप चाहें तो अपने घर के अलग-अलग हिस्सों में फूल वाले पौधे सजा सकते हैं। फूल वाले पौधे कमरों की शोभा में भी चार चांद लगा देंगे।

अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार प्रतिदिन कुछ समय फूलों के निकट बिताने के साथ ही इन्हें अपने आसपास रखने से हम काफी हद तक स्वयं को तनावमुक्त महसूस करते हैं। इस संदर्भ में यूनाइटेड किंगडम के एक मेडिकल स्कूल के अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि रंग- बिरंगे फूलों को अपने पास रखने से हमारे मन में सहानुभूति का भाव उठता है। इससे हमारे मन में दूसरों की तकलीफों के प्रति हमदर्दी पैदा होती है। इसके साथ ही फूलों के करीब रहने से मन से टेंशन और चिंता सरीखी शिकायतें दूर होती हैं। इसलिए हमेशा खुश रहिए। कभी भी अपने दिल में थोड़ा-सा भी राग या द्वेष का अंश मत रहने दें। इसे तो फूलों की तरह ताजा, कोमल और सुगंधित बना रहने दें। फिर देखना आपकी जीवन रूपी बगिया कैसे फूलों से महक उठेगी।

4 thoughts on “82. फूलों-सा महकता जीवन”

  1. Jivan ek bagiya jaisa hi hona chahiya.agar Kanta hai toh bhi phoolon ki komlata or khusboo se jiven ki nirassta Sarasata me badal jati hai…….
    Antra Atma ki awaj…very meaningful thought…..

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